पेपर लीक, NTA और शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े की मांग को लेकर इलाहाबाद में छात्रों का मशाल जुलूस

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प्रयागराज • जुलाई 10, 2026

अंबेडकर छात्रावास से बैंक रोड तक निकला विरोध मार्च, छात्रावास अधीक्षिका पर जातिगत उत्पीड़न का आरोप

प्रयागराज। राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं तथा अंबेडकर छात्रावास की अधीक्षिका पर लगाए गए जातिगत उत्पीड़न के आरोपों के विरोध में शुक्रवार को छात्रों ने सलोरी स्थित अंबेडकर छात्रावास से बैंक रोड तक मशाल जुलूस निकाला जिसमें बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए।
जुलूस के बाद आयोजित सभा में छात्रों ने शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफ़े, NTA को समाप्त करने, नई शिक्षा नीति-2020 को वापस लेने तथा निष्पक्ष एवं पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू करने की मांग उठाई। 

सभा को संबोधित करते हुए आइसा उत्तर प्रदेश के सचिव शशांक ने कहा कि प्रदेश और देश में लगातार पेपर लीक की घटनाओं से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। 

उन्होंने आरोप लगाया कि लेखपाल, UPSI, NEET, UGC-NET सहित कई परीक्षाओं में अनियमितताएं सामने आई हैं, जिनकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार को ठोस कदम उठाने होंगे।

                                      


छात्रनेता श्रीकांत अंबेडकर ने कहा कि शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में लगातार संकट गहराता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रावासों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है तथा परीक्षा प्रणाली पर छात्रों का भरोसा कमजोर हुआ है। उन्होंने सरकार से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और छात्रों के हितों की रक्षा करने की मांग की।

आइसा इलाहाबाद की अध्यक्ष सोनाली ने कहा कि जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन को देशभर के छात्र संगठनों का समर्थन मिल रहा है। उनके अनुसार यह केवल एक संगठन का आंदोलन नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही की मांग का राष्ट्रीय अभियान बन चुका है। उन्होंने NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की मांग की।

राजनीतिक विज्ञान के शोध छात्र बृजेश ने कहा कि युवाओं को समयबद्ध भर्ती, निष्पक्ष परीक्षाएं और सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती परीक्षाओं में बार-बार नियमों में बदलाव और अनियमितताओं से लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।

सभा के दौरान छात्रों ने अंबेडकर छात्रावास में कथित जातिगत उत्पीड़न के मामलों की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई, पेपर लीक पर रोक, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया तथा छात्रों के अधिकारों की रक्षा की मांग की।

मशाल जुलूस और सभा में मानवेंद्र, अवनीश, अमित, प्रदीप, विवेक, राधा, शैलेन्द्र, अर्जुन, अखिलेश, सिद्धार्थ, आलोक, अमित सहित बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।

                                     



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