उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPCS) की परीक्षाओं में माइग्रेशन और पारदर्शिता के संबंध मे छात्रों ने दिया ज्ञापन  

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPCS) की परीक्षाओं में माइग्रेशन और पारदर्शिता के संबंध मे छात्रों ने दिया ज्ञापन  

सुप्रीम कोर्ट के माइग्रेशन से जुड़े अहम फैसले के बाद प्रतियोगी अभ्यर्थियों ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की परीक्षाओं में माइग्रेशन नियम और पारदर्शिता लागू करने की मांग तेज कर दी है। इसी क्रम में बृहस्पतिवार को कई अभ्यर्थी ज्ञापन लेकर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, प्रयागराज पहुंचे। 


उम्मीदवारों से हुई बातचीत 


अभ्यर्थियों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया है कि यदि किसी आरक्षित वर्ग का अभ्यर्थी जनरल कैटेगरी के कट-ऑफ से अधिक अंक प्राप्त करता है, तो उसका चयन जनरल कोटे में किया जाना चाहिए। 

जनरल श्रेणी में सभी मेधावी उम्मीदवारों को स्थान मिलना चाहिए, चाहे वे किसी भी जाति, धर्म, जनजाति, वर्ग या लिंग से हों। कोर्ट ने यह भी कहा है कि आवेदन पत्र में जाति का उल्लेख करना अपने आप में आरक्षित सीट पर चयन का अधिकार नहीं देता, बल्कि यह केवल यह दर्शाता है कि संबंधित अभ्यर्थी आरक्षित श्रेणी में भी दावेदारी कर सकता है। 


माइग्रेशन नियम और UPPSC परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर इससे पहले 15 दिसंबर 2025 को प्रतियोगी छात्रों ने लोक सेवा आयोग के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन किया था। उस दौरान छात्रों ने आयोग को अपनी मांगों पर निर्णय लेने के लिए 15 दिन का समय दिया था, जिसके बाद शाम तक महाआंदोलन समाप्त कर दिया गया था। 


हालांकि, अभ्यर्थियों का आरोप है कि आयोग की ओर से अब तक उस ज्ञापन पर लिए गए किसी भी निर्णय की कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई है। 
इसी वजह से आज एक बार फिर कुछ अभ्यर्थी आयोग पहुंचे और दुबारा ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में अभ्यर्थियों ने कहा कि आरक्षित वर्ग (OBC/EWS/SC/ST/PH आदि) के उम्मीदवारों द्वारा माइग्रेशन और पारदर्शिता से संबंधित समस्याओं को पहले ही 15 दिसंबर 2025 को आयोग के समक्ष रखा गया था, लेकिन अभी तक कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया है।  ऐसे में आयोग से पुनः मांग की जा रही है ...


जो मांगे निम्नलिखित है - 

मांगे ——

 1. उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं में माइग्रेशन रूल तथा पारदर्शिता लागू किया जाए। 

 2. आयोग (UPPCS) द्वारा RO/ARO 2023, UPPCS 2024 तथा UPPCS 2025 की प्रारंभिक परीक्षा का माइग्रेशन नियम का पालन करते हुए पुनः रिजल्ट जारी किया जाए। 

 3. आयोग (UPPCS) द्वारा RO/ARO 2023, UPPCS 2024 तथा UPPCS 2025 की प्रारंभिक परीक्षा की संशोधित उत्तर कुंजी श्रेणीवार कट आफ तथा मार्कशीट जारी की जाए।

 4. आयोग (UPPCS) द्वारा भर्ती विज्ञप्तियों को जारी करते समय ही आरक्षित वर्गों के लिए निर्धारित रिक्तियों की संख्या प्रस्तुत की जाए। 

 5. माननीय सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय (CIVIL APPEAL NO. 14112 OF 2024) इसी बीच माइग्रेश के सिद्धान्त (रिजर्व कटेगरी का अभ्यर्थी यदि उम्र का लाभ नही लिया है और उसने यदि अनारक्षित वर्ग के अभ्यर्थी के बराबर या उससे अधिक नम्बर प्राप्त किया है तो उसे अनारक्षित सीट में शामिल किया जायेगा) को लेकर आया है।

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPCS) की परीक्षाओं में माइग्रेशन और पारदर्शिता के संबंध मे छात्रों ने दिया ज्ञापन  


और छात्रों ने ज्ञापन के माध्यम से आयोग से कहा आपसे विनम्र निवेदन है कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का अनुपालन करते हुये उपरोक्त माँगो पर निर्णय करने की कृपा करें। अधिकतम 15/01/2026 तक निर्णय के बारे में सूचित करने की कृपा करें। ताकि प्रतियोगियों का हित सुरक्षित हो सके।

Times Of Uncover के Editor Chief लोक सेवा आयोग पहुंचकर छात्रों से खास बातचीत की।



उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग UPPSC क्या है?

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) राज्य की एक महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्था है। इसकी स्थापना उत्तर प्रदेश में योग्य और ईमानदार अधिकारियों के चयन के लिए की गई थी। UPPSC के माध्यम से PCS, SDM, DSP, लेखाधिकारी जैसी प्रतिष्ठित सेवाओं में भर्ती होती है। यह आयोग लिखित परीक्षा, साक्षात्कार और चयन प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से आयोजित करता है। लाखों युवा हर वर्ष कड़ी मेहनत और उम्मीद के साथ इसकी परीक्षाओं में शामिल होते हैं। UPPSC न केवल रोजगार का माध्यम है, बल्कि राज्य के प्रशासन को मजबूत और सुचारु बनाने में भी अहम भूमिका निभाता है।


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